नए निवेशक बस 10000 रूपये से STOCK MARKET में काम START करें

नए निवेशक बस 10000 रूपये से STOCK MARKET में काम START करें

 

 10000 रूपये से STOCK MARKET में काम START करें


दोस्तों अगर आप स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहते हो और आपको नहीं है पता की किस तरह स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट करे। तो आज हम आपको बातएंगे की किस तरह आप अपने पहले १०००० रुपये स्टॉक मार्केट में लगाके आसानी से लाखो रुपये कमा सकते हो।
और यह बहोत ही  जरुरी है की आप अपनी इन्वेस्टमेंट १०००० से ही शुरू करे फिर आपके पास कितने भी ज्यादा पैसे हो। यहाँ सबसे जरुरी बात यह आपको याद रखनी है की यहाँ आपको लालच से बहोत ही दूर रहना होगा। अगर आप एक लालची इंसान हो तो कभीभी स्टॉक मार्किट में ना आये। आपको यहाँ इस तरह का mind बनाके आना है की हम सेफ इन्वेस्टमेंट करके २० से ३०%  returns कमाएंगे। जो आपके ग्रोथ के लिए काफी अच्छा होगा जहा आप धीरे धीरे अच्छे से तरक्की करोगे। 
आप अपने किसी भी ब्रोकर से ट्रेडिंग अकाउंट ओपन कर सकते हो। यहाँ आपको एक बात याद रखनी है की आपको ऐसा ही ब्रोकर ढूंढ़ना है जो कम ब्रोकरेज लेता हो। 


नए निवेशक बस 10000 रूपये से STOCK MARKET में काम START करें


कौनसा शेयर ख़रीदे

यहाँ सबसे जरुरी बात है की आपको कौनसा शेयर खरीदना है। और आप यहाँ नए हो इसलिए यह मत सोचते बैठिये की यह मुझसे नहीं होगा इसके लिए काफी experience चाहिए या बड़ा एनालिस्ट बंधा चाहिए। यह बिलकुल आसान है यहाँ आपको सभी इनफार्मेशन आपको गूगल पे मिल जायेगा।
आपको शेयर खरीदते वक़्त सिर्फ यह बात याद रखनी है की में खुद समज भुज कर सहरे खरीदूंगा नाकि किसी की सुनकर। अच्छे शेयर आप आसानी से खरीद सकते हो उसके लिए बस आपको अपने आस पास देखना होगा अब आप कहोगे यह क्या कह रहे हो भाई पर दोस्तों आप को यही करना है। आपके सामंने अगर कोलगेट है आप और आप जैसे कही लोग उसका इस्तेमाल बचपन से कर रहे हो मतलब उस कंपनी का मार्किट अच्छा है तो बस उस कंपनी का शेयर खरीद लो। आप जो साबुन इस्तेमाल करते हो उसका शेयर खरीदो उसी तरह आप जो बिस्कुट खाते हो उसका शेयर खरीद लो। बजाज की पल्सर इस्तेमाल करते हो तो बजाज के शेयर खरीद लो यह बिलकुल सेफ और अच्छी इन्वेस्टमेंट होगी क्योकि आप इन कंपनियों के बारे में अच्छे से जानते हो। 

इंट्रा डे ट्रेडिंग (Intraday Trading) 

आपको Intraday  ट्रेडिंग से दूर रहो वरना फस जाओगे। किसी शेयर या स्टॉक को जिस दिन ख़रीदा जाये, उसी दिन उस शेयर को मार्केट बंद होने से पहले बेच भी दिया जाये, या अगर आप शार्ट सेलिंग करते है, तो मार्केट बंद होने से शेयर खरीद कर अपनी ओपन पोजीशन को क्लोज कर ली जाये, तो इस तरह कि Trading को इंट्रा डे ट्रेडिंग कहा (Intraday Trading) जाता है,

 साथ ही आपने purchase किये हुए शेयर आपको मिनिमम १ साल के ऊपर तक संभलके रखने है उन्हें बेचना नहीं है। जिस तरह आप एक जूता साल भर तक पहनते हो उसी तरह आपको यह shares भी साल भर से ज्यादा वक़्त तक संभालके रखने है। जब शेयर प्राइस गिरने लगे तो बिलकुल ना डरिये maximum १० % ज्यादा गिरने लगे तो अपने शेयर बेच दे यह एक समझदारी वाली बात होगी। 

NOTE :- शेयर खरीदने बात अच्छा मुनाफा निकल रहा हो तो मुनाफा कमा लो उसे संभलके मत रखो।

SIP kya hai ?  SIP में निवेश कैसे करें?

SIP kya hai ? SIP में निवेश कैसे करें?

 Sip Kya Hai –  SIP में निवेश कैसे करें?

 दोस्तों आज कल हर एक इंसान को अपने भविष्य की चिंता सताती है। वह चाहता है की उसके बुढ़ापे या कुछ सालो बाद उससे जब काम नहीं हो पायेगा या वह काम नहीं करना चाहेगा तभी उसे घर बैठे पैसे मिले। 

SIP kya hai ?  SIP में निवेश कैसे करें?
SIP kya hai ?  SIP में निवेश कैसे करें?
 और इसलिए हर एक इंसान अपने कमाई में से कुछ भाग इन्वेस्ट करता रहता है। कोई सोना खरीद कर रखता है तो कोई जमींन जायदात तो कुछ लोग शेयर्स में इन्वेस्ट करते है तो कोई बैंक में अपने पैसे रखता है। SIP भी एक इन्वेस्टमेंट का ही पार्ट है। जहां काफी लोग पैसा लगाते है। 

SIP बहोत ही बढ़िया तरीका है जिससे आप अच्छे पैसे बना सकते हो।SIP को Systematic Investment Plan के नाम से जाना जाता है। आप यह  बात SIP के नाम से ही पता कर सकते  हो की sip क्या है। यह एक सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान है। 

SIP में इन्वेस्टर अपने जरुरत के मुताबिक एक फिक्स अमाउंट हर महीने के अंतराल में Invest करता है। SIP का एक टाइम period होता है। जैसे कोई ६ महीने के लिए तो कोई ६ साल के लिए SIP निकलता है। 

इससे एक छोटी अमाउंट हर महीने sip पे इन्वेस्ट करने पर आपके मुताबिक कुछ सालो बाद sip का अच्छा returns आपको मिलेगा। हर कोई अपने जरुरत के मुताबिक sip का period फिक्स करके रखता है। कोई अपने बच्चो के आगे के पढाई के लिए तो कोई अपने बुढ़ापे के लिए sip करता है। 

और सबसे जरुरी बात तो यह है की जब हम बैंक में पैसे डिपोसिट करते है तब हमें कुछ मामूली व्याज मिलता है। पर अगर हम वही पैसा sip में इन्वेस्ट  वह राशि हमें बढ़कर वापस मिलती है। और साथ ही इससे आपको टैक्स में भी राहत मिलती है। हमने वह कहावत तो हमेशा सुनी होगी की बूंद बूंद से सागर बनता है यह बात sip पर सही से लागु होती है। यह आपके पैसो बो बूंद बूंद से बढाती है। 

सिप उन लोगो के लिए काफी अच्छा विकल्प है जो अपने पैसे शेयर्स मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहते है पर उनको अच्छे से मालूमात ना होने की वजह से वह शेयर में इन्वेस्ट नहीं कर पाते है। sip आप महज ५०० या १००० रुपये महीने से भी शुरू कर सकते हो। 

SIP kya hai ?  SIP में निवेश कैसे करें?
SIP kya hai ?  SIP में निवेश कैसे करें?
 Sip में Invest करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी Documents होने चाहिए, क्योंकि इसमें आपके Account Number आदि की जानकारी होती है -
  1. Pan Card
  2. Aadhar Card
  3. Address Proof
  4. Cheque Book
  5. Passport Size Photograph 


SIP के क्या फायदे है ?

  • जोखिम कम :- 

SIP में आपके पैसे बिलकुल सुरक्षित होते है जो थोड़े थोड़े करकर बढ़ते रहते है पर कभी आपको ज्यादा नुकसान में नहीं डालते है। यह शेयर्स मार्केट में ही इन्वेस्ट करते है। इसलिए इसमें रिस्क होती  है। पर शेयर में डायरेक्ट इन्वेस्ट करने से आपको ज्यादा नुकसान हो सकता है। पर sip में यह रेट काफी कम होता है।  

  • छोटी शुरुवात

एक गरीब से गरीब आदमी भी अगर चाहे तो sip में निवेश कर सकता है। क्योकि यहाँ सिर्फ ५०० या १००० आपको इन्वेस्ट करने होंगे।जो काफी कम है। छोटे investors सिप के सहाय्येSIP से शेयर मार्किट में इन्वेस्ट कर सकते है। 

  • टैक्स में छूट

 यह काफी महत्वपूर्ण तरीका है जिसका इस्तेमाल काफी लोग करते है। जब भी आप sip में इन्वेस्ट करते हो तो आपको इन्वेस्ट करने में और उस इन्वेस्टमेंट को निकालने में किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता है। साथ ही टैक्स में छूट मिलनेवाले स्कीमों में लॉक इन पीरियड होता है जैसे ३ साल तक। आप इनमे निवेश करके टैक्स में छूट पा सकते हो।
  • ब्याज पर ब्याज

SIP में आप जब भी इन्वेस्ट करते हो तो आपको उससे जो इनकम यानि प्रॉफिट मिलता है जिसे हम यहाँ ब्याज कहेंगे। उस प्रॉफिट को sip फिर से रीइन्वेस्ट करती है जिससे आपको उस प्रॉफिट की इन्वेस्टमेंट पर भी प्रॉफिट मिलता है।
  • sip से पैसे निकालना बिलकुल आसान है

बहोत से लोगो को यह डर रहता है की अगर वह sip में इन्वेस्ट करते है तो वह जरुरी वक़्त में अपने पैसे निकाल सकते है या नहीं।
पर दोस्तों sip में से आप आसानी से अपने पैसे कभी भी निकल सकते हो। यहाँ बहोतसे sip में लॉक इन पीरियड नहीं होता है। लॉक इन पीरियड वह पीरियड होता है जिसके पहले आप अपने पैसे निकाल नहीं सकते हो।
निफ्टी क्या होता है? निफ़्टी ५० कम्पनीज.

निफ्टी क्या होता है? निफ़्टी ५० कम्पनीज.

 निफ्टी क्या होता है

जब भी आप कही शेयर्स मार्केट के बारे में कहिसे सुनते हो तो वहां आपको सेंसेक्स और निफ़्टी यह शब्द हमेशा सुनाने मिलते है। कही बार न्यूज़ चैनल में बताया जाता है की सेंसेक्स या निफ़्टी इतने अंको से कम हो गया या बढ़ गया है ,आप ऐसे वक़्त में यह समज लेते हो की शेयर्स मार्केट अब गिर गया है या बढ़ गया है । आप इसके बारे में कभी जानने की कोशिश नहीं करते। अगर आप आज इसे अच्छे से जानना चाहते हो तो आप सही सही जगह आये हो। 

आज हम आपको सभी बाते बिलकुल सही से और विस्तार से बताएंगे। 
 
निफ्टी और सेंसेक्स क्या है, इसे समझने के लिए आपको पहले भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को समझने की जरूरत है। अब, भारत के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर चर्चा करें, जैसे कि 'बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज' और 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज' अपने सूचकांक के साथ।

इंडिया में BSE और NSE यह दो मुख्य स्टॉक एक्सचेंज है। स्टॉक एक्सचेंज एक मार्केट होता है जहां से आप शेयर्स खरीद या बेच सकते हो। निफ़्टी और सेंसेक्स दोनों ही इन्डेक्सेस है। सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मैं इंडेक्स है और निफ़्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज  का मैं इंडेक्स है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर ५००० से भी ज्यादा कम्पनिया लिस्टेड है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 6000 से ज्यादा कम्पनिया लिस्टेड है। और मार्किट का हाल जानने के लिए इन  सभी कंपनियों को ट्रैक करना बड़ा मुश्किल होता है। इसलिये यह इंडेक्स बनाये गए है।  जब आपको स्टॉक मार्केट का हाल जानना होता है तो आप निफ़्टी और सेंसेक्स से यह पता कर सकते हो। 

निफ्टी क्या है?

NSE का full form National Stock Exchange of India है। निफ्टी में 50 कंपनियां शामिल होती है। इसकी शुरुआत नवंबर 1994 को हुयी थी। Nifty शब्द- National और Fifty से मिलकर बना है। यहाँ Fifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शामिल 50 कंपनियों के लिए है।निफ्टी, जिसे  हम निफ्टी 50 भी कहते है, यह एक बाजार निर्देशांक है जिसमें 50 अच्छी और बड़ी तरह से स्थापित और वित्तीय रूप से अच्छी कंपनियां हैं जो भारत के नॅशनमल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं।यह ५० कम्पनिया अलग अलग २४ सेक्टर से सेलेक्ट की जाती है।
निफ्टी का स्वामित्व और प्रबंधन भारत इंडेक्स सर्विसेज और प्रोडक्ट्स (IISL) द्वारा किया जाता है।


NIFTY किस तरह बनता है
आप इस बात को ध्यान में रखे की NIFTY  पे लिस्टेड केवल 50 कंपनीज के शेयर्स के भावो से मिलकर बनता है, जबकि NSE में कुल 6000 से भी ज्यादा कंपनी के शेयर लिस्टेड है,NIFTY की गणना में केवल 50 कंपनी के शेयर्स के भावो को शामिल करने के पीछे का कारण या है कि,ये 50 कम्पनीज़ के शेयर्स सबसे ज्यादा ख़रीदे और बेचे जाते है,ये 50 सबसे बड़ी कंपनीज होती है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेसन NSE में लिस्टेड सभी शेयर्स का लगभग 60% होता है,और ये 50 कम्पनीज भी 13 अलग अलग इंडस्ट्रीज़ और SECTOR से चुनी जाती है, और ये कंपनीज अपने सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी होती है.इन 50 कंपनीज का चुनाव NSE की INDEX Committee द्वारा किया जाता है, इस कमिटी में सरकार, बैंक और बड़े अर्थषास्त्री  को शामिल किया जाता है,

Share Market Tips in Hindi - शेयर मार्किट बेसिक्स हिंदी में सीखिए

Share Market Tips in Hindi - शेयर मार्किट बेसिक्स हिंदी में सीखिए

 Share Market Tips in Hindi

Share Market Tips in Hindi- हर एक इंसान जब शेयर बाजर में इन्वेस्ट करता है या इन्वेस्ट करने के बारे में सोचता है तो वह चाहता है की उसे पहले दिन से ही मोटा मुनाफा मिलने लगे और वह रातो रात आमिर बन जाए।
पर friends हर चीज के लिए आपको वक़्त देना जरुरी होता है जिस तरह आम का पेड़ लगाने से वह आपको पहले ही दीन आम देना शुरू नहीं करता उसके लिए आपको उस पेड़ को संभालना पड़ता है। उसे पानी देना और खाद देना पड़ता है तब जाकर वह बड़ा होता है और आपको अच्छे आम देता है। शेयर का भी बिलकुल ऐसेही होता है। आपको अच्छे शेयर खरीदने होते है उन्हें बढ़ाना होता है और फिर संभालना होता है फिर कुछ सालो बाद उससे आपको अच्छा मुनाफा मिलता है।

Share Market Tips in Hindi
Share Market Tips in Hindi

और हमेशा यह बात याद रखिये ऐसा कोई तरीका नहीं है जो आपको रातो रात करोड़पति बना दे। 
शेयर बाजार में सफलता पाने के लिए आपको सबसे ज्यादा समज और धीरज की जरुरत होती है। आपको हमेशा मार्केट में चल रही घटनाओ पर ध्यान रखना होता है। और साथ ही  एक अच्छी रणनीति रखनी होती है। कोई भी शेयर खरीदते समय जल्दबाजी ना करे हमेशा उसके बारे में अधिकतम जानकारी हासिल कर ले और उसके Balance-sheet और बाकी फाइनेंसियल चीजों को देख ले। 
और आप अगर नए हो तो आप पहले म्यूच्यूअल फण्ड में ही इन्वेस्ट करे जो आपके लिए अच्छा और कम जोखिम वाला रास्ता है।

 Share Market Tips in Hindi Details

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना काफी सरल है पर यह जुआ नही है जो आप किसी भी घोड़े पर पैसे लगा दो और जितने का इंतजार करते रहो। यह आपका बिज़नेस है। जैसे आप वही बिज़नेस को प्राथमिकता देते हो जो मुनाफा ला सके और जिस की जिम्मेदारी अच्छे लोगो के पास है आपको शेयर लेते हुए भी इन्ही बातो को ध्यान में रखना होगा। 
आपको ऐसे बहोत सारे ब्रोकर मिल जायेंगे जो आपको फाॅर्स करेंगे की सर यह share खरीद लो यह काफी अच्छा है या इतनी अमाउंट इन्वेस्ट करो ,पर आपको हमेशा सब बातो को ध्यान में रखते हुए और जब तक आप उस शेयर के बारे में sure नहीं होते तब तक ना ख़रीदे।
कही बार आपको कोई कहता है की यह शेयर खरीद लो यह काफी बढ़ने वाला है और वह उनके कहने के मुताबिक बढ़ भी रहा होता है ऐसे में आपको उसमे इन्वेस्ट करने से रोकना है। उस शेयर के बढ़ने के पीछे का कारण आपको पता होना जरुरी हो जाता है। क्यों वह शेयर इतनी तेजी से बढ़ रहा है उसकी वैल्यू क्या है उसके संचालक कौन है। क्या उसे कोई बड़ा आर्डर मिला है। ऐसे बहोत से कारणों का आपको पता लगाना होगा फिर आपको उस में इन्वेस्ट करने के बारे में सोचना होगा।
क्योकि यह मायाजाल है यहां कोई भी बात बिना किसी reason के नहीं होती है। कही बार बड़े Market प्लेयर प्रॉफिट कमा ने के लिए मार्केट को manipulate करते है और किसी शेयर को काफी उचाई पे लेकर जाते है और अपना प्रॉफिट निकल कर बाहर निकल आते है। ऐसे में आप जैसे छोटे इन्वेस्टर फंस जाते है।

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कोई भी शेयर खरीद ने के पहले आपको पढाई करनी जरुरी होती है ?


आप को उन्ही शेयर में इन्वेस्ट करनी है जिनके बारे में आप अच्छे से जानते हो ,जैसे की उस कंपनी की पार्टनर कम्पनिया उसका प्रोडक्शन उसकी टोटल वैल्यू इन जैसी और जानकारिया।
अगर आप यह जाने बिना शेयर खरीदते है तो वह बिना देखे ब्लाइंड गेम खेलने जैसा बाड़ा जुआ है और इससे आपको हानि ही होगी। 


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IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

IPO in Hindi- दोस्तों हर किसी को शेयर बाजार यानी इतनाही पता होता है की किसी कंपनी के shares (share market in marathi) हमें खरीदने है और वक़्त आने पर उसे बेचकर मुनाफा कमाना है।  पर दोस्तों shares market इतनाही नहीं होता है.

IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?
IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

आज हम आपको share के सभी प्रकार और खरीदने के system को अच्छे से बताएँगे। 

दोस्तों आईपीओ (Initial public offering) का मतलब होता है इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स
जब भी कभी कोई नयी या पुराणी कंपनी को कैपिटल यानि पैसो की अधिक आवश्यकता होती है। उस वक़्त वह कंपनी अपने कुछ shares लोगो को बेचती है और उनसे अपने कैपिटल के पैसे कलेक्ट करती है. दोस्तों shares market में वही कंपनी अपने shares बेच सकती है जो SEBI में रजिस्टर हो। 

जब कोई नयी कंपनी मार्केट में आती है तो वह अपने आईपीओ लती है। यहाँ आपको एक बात अच्छे से बता दू की कोई भी पुराणी कंपनी अगर मार्केट में अपने IPO बेचने लाती है तब उसे अच्छी कीमत मिलती है क्योकि वह पहले से मार्केट में रहती है। उसके प्रॉफिट और लॉस के बारे में Market को अच्छे से पता होता है। और उस कंपनी में निवेश करना इन्वेस्टर्स के लिए कम जोखिम वाला होता है। 

पर जो कंपनी नयी मार्केट में आती है या यु कहे वह कंपनी सिर्फ कागज पर ही रजिस्टर होती है उसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। नाही कोई प्रोडक्शन होता है या नहीं कोई फक्ट्री ऐसे कंपनी में इन्वेस्ट करना काफी जोखिम भरा होता है।

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अब हम यह जान लेते है की यह आईपीओ कंपनिया क्यों निकालते है ?

इसके कही सारे कारण हो सकते है जैसे की अगर कंपनी को अपना कारोबार बढ़ाना हो अपना प्रोडक्शन बढ़ाना हो या बैंक या कही और से लिया हुआ कर्ज कम करना हो इन सभी कारणों के लिए कंपनिया अपना आईपीओ मार्केट में लाते है। 

IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?
IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?
अगर आपको किसी कंपनी के बारे में यह जानना हो की वह कंपनी क्यों पैसा उठाना चाहती है तो आप उस कंपनी के Red herring Prospectus को पढ़ सकते हो जिससे आपको उस कंपनी के पैसे उठाने के करने का पता चल जाएगा।  जैसे की बिज़नेस डिटेल्स ,कैपिटल structures ,रिस्क फैक्टर्स ,प्रमोटर्स एंड मनगमेंट्स ,पोस्ट फाइनेंसियल डेटा.
 हर कंपनी का Red herring Prospectus आपको sebi.gov.in पर आसनी से देखने को मिल जायेगा। 

आईपीओ के दो प्रकार होते है 

१) Fixed Price issue 

इसमें कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंकर से मिलकर एक फिक्स price decide करती है। जिसपर वह कंपनी अपने शेयर्स इन्वेस्टर्स को ऑफर करती है। जिसका मतलब अगर आपको उस कंपनी के आईपीओ खरीदने है तो आपको उस कंपनी Decide किये हुए Fixed Price पर ही वह shares खरीदने होंगे।

२) Book Building issue 

यहाँ कंपनी बैंकर से मिलकर कुछ प्राइस रेंज decide करती है जैसे की १००-११० तक और यहाँ आपको उस कंपनी के शेयर्स के लिए Bid लगनी होती है। इसमें १०० जो लोअर अमाउंट है उसे कैप प्राइस कहते है  और जो ११० अमाउंट है उसे Floor price कहते है। Book Building issue  में कैप प्राइस और फ्लोर प्राइस में ज्यादा से ज्यादा २०% का ही Difference रखा जा सकता है।

कट ऑफ डेट और टाइम (Cut Off Date)?

 कंपनी अपने Shares के आवेदन करने की एक तिथि और समय निर्धारित कर देती है। निवेशकों को इस तिथि और समय तक ही IPO के लिए Apply करने की सुविधा होती है। समानयरूप में यह तिथि IPO मार्केट में लाने के 3 से 5 दिन तक होती है। जैसे अगर Dominoes 25 अगस्त को अपने शेयर्स मार्केट में ला रहे हैं तो 29 अगस्त के शाम 5 बजे तक निवेशक इन अंशों का आवेदन या Subscription के लिए Application दे सकते हैं। इसके बाद यह कंपनी अपने अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

लॉट साइज़: Lot Size

आप shares market से १ या २ शेयर भी खरीद सकते है पर आईपीओ में ऐसा नहीं होता है यहाँ आपको लॉट में  शेयर खरीदने होते है।  आईपीओ बेचने  वाली कंपनी यह लॉट decide करती है.


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